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    Monday, 17 April 2017

    40 पैसे में बैंक डेटा बेचकर करोड़ों के गोलमाल का खुलासा, बैंक खातों पर 'बुरी नजर'

    40 पैसे में बैंक डेटा बेचकर करोड़ों के गोलमाल का खुलासा, बैंक खातों पर 'बुरी नजर'


    40 पैसे में बैंक डेटा बेचकर करोड़ों के गोलमाल का खुलासा, बैंक खातों पर 'बुरी नजर'

    आपके बैंक अकाउंट और आपकी सारी ट्रांजेक्शन्स पर किसी की नजर हैं. लेकिन, ये कोई सरकारी एजेंसी नहीं बल्कि साइबर ठगों का गिरोह है जो कभी भी आपके बैंक एकाउंट पर हाथ साफ सकता है. दिल्ली पुलिस ने एक ऐस गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ग्राहकों की गुप्त जानकारी की खरीद फ़रोख़्त कर हज़ारों लोगों को ना सिर्फ चुना लगा चुका है बल्कि 1 करोड़ ग्रहकों की डिटेल भी चुरा चुका है.
    गिरोह का मास्टरमाइंड पूरन गुप्ता पुलिस की गिरफ्त में है
    इस गिरोह का मास्टरमाइंड पूरन गुप्ता पुलिस की गिरफ्त में है. जबकि, एक और आरोपी आशीष झा को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इस पूरे मामले में तीन सिंडिकेट एक साथ काम करते हैं. एक बैंकों से डेटा चुराता है दूसरा इस डेटा को ख़रीदता है और कॉल सेंटर्स को बेच देता है. डेटा चुराने वाला गिरोह मुम्बई में सक्रिय है.
    प्रति डेटा 40 पैसे के हिसाब से जानकारी बेची जाती थी
    पूरन ने सारी जानकारी खरीदने के बाद दिल्ली में एक्टिव फर्ज़ी कॉल सेंटर्स को 50 हज़ार रुपये में 10 हज़ार ग्रहकों की बैंक संबंधित हर जानकारी बेच देता था, यानी प्रति डेटा 40 पैसे के हिसाब से. इसके बाद कॉल सेंटर वाले बैंक प्रतिनिधि बैंक कर ग्राहकों को फोन करते थे और उन्हें अपने जाल में फंसा कर अवैध ट्रांजेक्शन कर लेते हैं. इस तरह से इन्होंने हज़ारों लोगों को ठगा है.
    ज़्यादातर ICICI और सिटी बैंक के ग्राहकों का डेटा चुराया है
    पुलिस के मुताबिक इनलोगों ने ज़्यादातर ICICI और सिटी बैंक के ग्राहकों का डेटा चुराया है. इसके अलावा लोगों के साथ फ्रॉड करने के लिए बाक़ायदा अलग अलग इनकम और ऐज ग्रुप की फ़ाइल भी बना रखी थी. जांच में पुलिस में दिल्ली के रोहिणी से संचालित होने वाले फ़र्ज़ी कॉल सेंटर का भी पर्दाफाश किया है. फिलहाल पुलिस इस गोरखधंधे में बैंक कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है.

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